Pati Dur Tha Rajai Me Kukur Tha (Khesari Lal Yadav) Lyrics

Khesari Lal Yadav और Antra Singh Priyanka का यह सुपरहिट गाना Aadishakti Films यूट्यूब चैनल से रिलीज़ किया गया है जिसका नाम है – पति दूर था रजाई में कुकुर था (Pati Dur Tha Rajai Me Kukur Tha) | इस गाना को लिखे है Akhilesh Kashyap जी जबकि म्यूजिक दिए है Shyam Sundar जी | निचे आप इस गाना को सुन सकते है –

Lover Se Shadi (Khesari Lal Yadav) Lyrics

पति दूर था रजाई में कौन था – लिरिक्स

हेलो ..!
हां हेलो !
का करतारु हो ?
आ हई बलावा काहे खउराईल बा ?
आ हउ रजाईया में से कउन एकरा बहिनी के ….!
के …? कहाँ केहू ….?
केहू ना हs !
हम आन्हर हई अनंजईया खानी ?
मारे लागब अभिये..!
पता ना कवन था !

बात के बतंगड़ बनावतारs हो
चरितर पs अंगुली उठावतारs हो
बतंगड़ ना बनाई तs लंगड़ हो जाई ?
ऐ यू आर करिंग माई बेईज्जती ..!
चुप ..!
बात के बतंगड़ बनावतारs हो
चरितर पs अंगुली उठावतारs हो
अरे हउ पर्दावा कईसे हिलता रे ?
उसको छोड़िये बात को मोड़िये
वो तो जोरो का झोंका पवन था
रजाई में गैस बना दिया था जानू
कोई नहीं था
हउ जवन निकलल हs तवन बड़ेरा हs का ?
मेरे भईया का फ्रेंड था !
ओ … शी बुझतारी ..?
यस !
शुरू से ही तेरा बिगड़ा रहन था
हाय दईया माँ जी …!
सच्ची सच्ची बता दे की रजाई में कवन था
शुरू से ही तेरा बिगड़ा रहन था
सच्ची बता दे की रजईया में कवन था
मेरे भईया का फ्रेंड था !
बुरबक बुझतारु ..!
मारेंगे अभिये !
जानू जाने दो ना !
जाए दी आ ओकरा के खाये दी ?

[म्यूजिक..]

तुहि हवs तुहि रहबs धड़कन परान हो
अईसे जनि करs सईया सेनुर के अपमान हो
ह …! यू आर भेरी गन्दा !!
बोलs के करत रहे गोदिया में आराम
तकिया नs था !
अरे हमरा के बुझेलू का झंडू बाम
ह ह ह ह ह ह …!
समझाउंगी बतलाऊँगी मेरा तो बिलकुल न मन था
बिलीभ मी ..! या ! या !
बोलबू इंग्लिश ?
शुरू से ही तेरा बिगड़ा रहन था
मेंशन नॉट …!
सच्ची सच्ची बता दे की रजाई में कवन था
शुरू से ही तेरा बिगड़ा रहन था
सच्ची बता दे की रजईया में कवन था

[म्यूजिक..]

बिना जनले बिना सुनले आहे पs गरई धरतारs
काहे ऐ अखिलेश सजनवा वीडियो कॉल पs लड़तारs
देखिये हम लुछ जायेंगे …!
धोखा देत बाड़ीस ते अपना खेसारी के
आ …!
तोके दे देब तलाक रोईहे दंतवा चियारी के
ऐ ……!
सखी के सईया आये बिन चईया के
वो लेटे थे चाय न गरम था
पहिले से बनल था लेकिन गरम नहीं था !
तुमको समझाना पति का धरम था
छो क्यूत …!
अभी मैंने जाना रजाई में कवन था
जिओ रे कश्यप !
तुमको समझाना पति का धरम था
अभी मैंने जाना रजाई में कवन था
अरे रन्डम मचा के बजाव लोग का फेर में पड़ल बाड़s
अब रजाई नॉट अलाउड अगिला महीना से पुवारा पs सूत
आदमी बन जईबे !